राजकीय महाविद्यालय, टोडाभीम की स्थापना सन् 2008 को सामाजिक रूप से पिछड़े जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने और ज्ञान प्रदान करने के लिए की गई थी। शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसे आप दुनियां को बदलने के लिए उपयोग कर सकते हैं। शिक्षा जीवन में सफलता की कुंजी है और शिक्षक अपने छात्रों के जीवन पर स्थाई प्रभाव डालते हैं, जिससे वह अपने जीवन में सफल होते हैं। यह तभी संभव है जब शैक्षणिक गतिविधियों पर सर्वाधिक ध्यान दिया जाए। मैंने बेहतर शिक्षण और सीखने का माहौल बनाने के लिए कई पहल की हैं जिनमें प्रमुख रूप से हरा भरा परिसर बनाने के लिए 1000 पेड़ तथा घास लगवायी गई है। ऊबड़ खाबड़ जमीन को समतल कर खेल मैदान बनवाए गए हैं एवं शारीरिक फिटनेस हेतु जिम लगवाई गई है। स्वच्छ परिसर, शुद्ध पेयजल, हवा तथा सुसज्जित पुस्तकालय जिसमें 5000 (पांच हजार) पुस्तकें हैं जिन्हें नियमित रूप से छात्रों को उपलब्ध करवाया जाता है। छात्राओं की सुविधा हेतु गर्ल्स काॅमन रूम तथा शौचालय की व्यवस्था की गई है तथा अनुशासन का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाता है। इसकी निगरानी हेतु सी.सी.टी.वी कैमरे भवन में लगवाए गए हैं। इसके अलावा छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण हेतु उन्हें सभी अवसर उपलब्ध करवाये जाने का प्रयास किया जाता है तथा सरकार द्वारा जारी सभी प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं से छात्रों को परिचय करवाया जाता है।
अपनी स्थापना के बाद से कॉलेज ने स्थानीय आबादी के बीच उच्च शिक्षा प्राप्त करने के प्रति उत्साह बढ़ाया है। हमारे पास युवा संकाय सदस्यों की एक टीम है जो अपनी सेवा के प्रति समर्पित हैं। वह छात्रों की जरूरतों, इच्छाओं और हितों की देखभाल करने और उन्हें उत्कृष्टता की ओर लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अथक प्रयास करते हैं।
मैं नए छात्रों का स्वागत करना चाहता हूं और वरिष्ठ छात्रों से भी एक अच्छा उदाहरण स्थापित करने की आग्रह करना चाहता हूं ताकि कॉलेज में एक मजबूत शैक्षणिक प्रदर्शन स्थापित हो सके। आप विश्वास करें कि कार्य अनुशासन, दृढ़ता और धैर्य से उत्पन्न होने वाली आपकी प्रमुख संपत्ति है। इस नोट पर मैं आप सभी को आपके जीवन की सभी भावी गतिविधियों और प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूंँ।
सधन्यवाद,
डॉ० चरण सिंह मीना
(प्राचार्य)






